Thursday, May 16, 2019

तुलसी के बारे में जानकारी || Tulsi Ke Bare Me Jankari

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तुलसी के बारे में जानकारी || Tulsi Ke Bare Me Jankari

यह तो आप सब पहले से जानते होंगे की हमारे हिंदू धर्म में तुलसी को पूजनीय स्थान दिया गया है तुलसी अपने आप में सब पोधों में से अलग है तुलसी को पाप का नाश करने वाली भी माना गया है । हिन्दू धर्म में तुलसी पूजन करना श्रेष्ठ माना गया है, क्योंकि इनकी पूजा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है और पाप का नाश होता है ! यंहा हम आपको तुलसी के बारे में ( tulsi ke bare me ) विशेष बातें बताने जा रहे है जिन्हें आपको ध्यान से पढ़कर तुलसी के बारे में कुछ अधिक जान पोगें ! सभी तरह की पूजा अर्चना व् धार्मिक कार्यों में तुलसी का प्रयोग व् उपयोग किया जाता है। तुलसी पत्ती से पूजा, व्रत, यज्ञ, जप, होम तथा हवन करने का पुण्य मिलता है। कहते है जिस घर में तुलसी का पौधा है वंहा देवी व् देवता निवास करते है तुलसी जिस भी घर में होती है उस घर की नकारात्मक उर्जा को समाप्त कर देती है घर में सकारात्मक उर्जा का संचय करती है तुलसी का पौधा घर का वास्तु दोष समाप्त भी करती है ! Online Specialist Astrologer Acharya Pandit Lalit Trivedi द्वारा बताये जा रहे तुलसी के बारे में जानकारी || Tulsi Ke Bare Me Jankari में पढ़कर तुलसी में बारे में अधिक से अधिक सटीक जानकारी पा सकोगें !! जय श्री सीताराम !! जय श्री हनुमान !! जय श्री दुर्गा माँ !! जय श्री मेरे पूज्यनीय माता – पिता जी !! यदि आप अपनी कुंडली दिखा कर परामर्श लेना चाहते हो तो या किसी समस्या से निजात पाना चाहते हो तो कॉल करके या नीचे दिए लाइव चैट ( Live Chat ) से चैट करे साथ ही साथ यदि आप जन्मकुंडली, वर्षफल, या लाल किताब कुंडली भी बनवाने हेतु भी सम्पर्क करें Mobile & Whats app Number : 9667189678 Tulsi Ke Bare Me Jankari By Acharya Pandit Lalit Trivedi

तुलसी के बारे में जानकारी || Tulsi Ke Bare Me Jankari

प्रतिदिन करें तुलसी पूजन :

शास्त्रों के अनुसार हर जातक को रोजना तुलसी की पूजा करनी चाहिए व् सुबह और संध्या के समय तुलसी के पास घी का दीपक जलाना चाहिए ! ऐसी मान्यता है कि जो जातक हर दिन ऐसा करता है उसके घर में विशेष रूप से माँ महालक्ष्मी जी की कृपा हमेशा बनी रहती है !

तुलसी का सूखा पौधा न रखें :

यदि आपके घर में लगा तुलसी का पौधा सूख गया है, तो इसे घर में न रखें, क्योंकि यह अशुभ माना जाता है। सुखें तुलसी के पौधें को किसी नदी में या तालाब में प्रवाहित कर देना चाहिए। साथ ही दूसरा तुलसी का पौधा लगाना चाहिए। इससे आपके घर की धन की बरकत में कमी नही होगी। यदि आपके घर में तुलसी का पौधा सुखाने लगे तो जान लेना चाहिए की आपके ऊपर कोई परेशानी आने वाली है क्युकी तुलसी परिवार के ऊपर आने वाले संकट को पहले पहचान लेती है ! 
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इन दिनों न तोड़े तुलसी के पत्ते :

शास्त्रों के अनुसार तुलसी के पत्ते दिए गये कुछ खास दिनों में नहीं तोड़ने चाहिए। जैसे कि एकादशी, रविवार, चंद्र ग्रहण, सूर्य ग्रहण के समय, व् रात के समय नही तोड़ना चाहिए। ऐसा करने से जातक को दोष लगता है और माता श्री लक्ष्मी जी अप्रसन्न हो जाती है !

तुलसी के पत्ते को कभी भी चबाना नहीं चाहिए :

जब भी कोई भी व्यक्ति तुलसी के पत्तों का सेवन करे तो उसे सेवन करते समय यह बात का ध्यान रखना चाहिए की इन पत्तों निगल ले न की इससे चबाये, क्योंकि तुलसी के पत्तों में पारा धातु के तत्व पाया जाने के कारन चबाते समय यह दांत में लग जाता है जिसके कारन दातों के लिए नुकसानदायक होता है !
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शिवलिंग व् श्री गणेश को तुलसी के पत्ते अर्पित करना वर्जित : 

यह तो आप सब जानते है की शास्त्रों के अनुसार तुलसी का पूजन में विशेष महत्व है, पर लेकिन शिव जी और श्री गणेश पूजन में तुलसी का उपयोग कदापि नही करना चाहिए ! इसके बारें में पुराणो में दो कथा बताई गई है। एक कथा के अनुसार भगवान शिव ने तुलसी के पति दैत्यों के राजा शंखचूड़ का वध किया था, जिसके कारण शिव पूजन में तुलसी को चढातें है और न ही शंख से शिवलिंग पर जल चढ़ाते है। जबकि एक अन्य कथा के अनुसार एक बार गणेश जी ने तुलसी के सामने विवाह का प्रस्ताव किया, लेकिन तुलसी ने अस्वीकार कर दिया यह कह कर कि वो ब्रह्मचारी है। जिसके कारण गुस्सा होकर तुलसी ने उन्हें दो विवाह का श्राप दे दिया और गणेश जी ने तुलसी को एक राक्षस से विवाह का श्राप दे दिया। जिसके कारण तुलसी गणेश जी में अर्पित नही की जाती है। 

तुलसी की हर एक पत्ती में छिपा है औषधीय गुण का राज :

जिस तरह तुलसी पूजा में पूज्यनीय है उसी तरह तुलसी में औषधीय गुणों की भरमार भी है। इसकी सुंगध हमें श्वास संबंधी कई रोगों से बचाती है। मौसम बदलने से होने वाली स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से तुलसी अच्छी तरह बचाती है। तुलसी की पत्ती सेवन करने से हमारे शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता काफी बढ़ जाती है। इसके लिए हमें रोजाना इसका सेवन करना चाहिए ।


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