Friday, May 10, 2019

शुक्र अष्टोत्तर शतनामावली || Shukra Ashtottara Shatanamavali

शुक्र अष्टोत्तर शतनामावली, Shukra Ashtottara Shatanamavali, Shukra Ashtottara Shatanamavali ke Fayde, Shukra Ashtottara Shatanamavali Ke Labh, Shukra Ashtottara Shatanamavali Benefits, Shukra Ashtottara Shatanamavali Pdf, Shukra Ashtottara Shatanamavali in Sanskrit, Shukra Ashtottara Shatanamavali Lyrics. 
10 वर्ष के उपाय के साथ अपनी लाल किताब की जन्मपत्री ( Lal Kitab Horoscope  ) बनवाए केवल 500/- ( Only India Charges  ) में ! Mobile & Whats app Number : +91-9667189678
नोट : यदि आप अपने जीवन में किसी कारण से परेशान चल रहे हो तो ज्योतिषी सलाह लेने के लिए अभी ज्योतिष आचार्य पंडित ललित त्रिवेदी पर कॉल करके अपनी समस्या का निवारण कीजिये ! +91- 9667189678 ( Paid Services )
30 साल के फ़लादेश के साथ वैदिक जन्मकुंडली बनवाये केवल 500/- ( Only India Charges  ) में ! Mobile & Whats app Number : +91-9667189678
हर महीनें का राशिफल, व्रत, ज्योतिष उपाय, वास्तु जानकारी, मंत्र, तंत्र, साधना, पूजा पाठ विधि, पंचांग, मुहूर्त व योग आदि की जानकारी के लिए अभी हमारे Youtube Channel Pandit Lalit Trivedi को Subscribers करना नहीं भूलें, क्लिक करके अभी Subscribers करें : Click Here

शुक्र अष्टोत्तर शतनामावली || Shukra Ashtottara Shatanamavali

Shukra Ashtottara Shatanamavali में शुक्र ग्रह के 108 नामों वर्णन किया हैं ! Shukra Ashtottara Shatanamavali का नियमित पाठ करने से आप शुक्र ग्रह के दुष्प्रभाव से बच सकते हैं ! आपको शुक्र जब अशुभ प्रभाव दे रहा हो या शुक्र आपकी कुंडली में नीच या अशुभ भाव में हो या शुक्र की दशा व् अन्तर्दशा या गोचर में अशुभ परिणाम दे रहा हो जब Shukra Ashtottara Shatanamavali का पाठ करना बहुत लाभदायक होता हैं !! जय श्री सीताराम !! जय श्री हनुमान !! जय श्री दुर्गा माँ !! यदि आप अपनी कुंडली दिखा कर परामर्श लेना चाहते हो तो या किसी समस्या से निजात पाना चाहते हो तो कॉल करके या नीचे दिए लाइव चैट ( Live Chat ) से चैट करे साथ ही साथ यदि आप जन्मकुंडली, वर्षफल, या लाल किताब कुंडली भी बनवाने हेतु भी सम्पर्क करें : 9667189678 Shukra Ashtottara Shatanamavali By Acharya Pandit Lalit Trivedi

शुक्र अष्टोत्तर शतनामावली || Shukra Ashtottara Shatanamavali

  • ॐ शुक्राय नमः ।
  • ॐ शुचयॆ नमः ।
  • ॐ शुभगुणाय नमः ।
  • ॐ शुभदाय नमः ।
  • ॐ शुभलक्षणाय नमः ।
  • ॐ शॊभनाक्षाय नमः ।
  • ॐ शुभ्रवाहाय नमः ।
  • ॐ शुद्धस्फटिकभास्वराय नमः ।
  • ॐ दीनार्तिहारकाय नमः ।
  • ॐ दैत्यगुरवॆ नमः ॥ १० ॥
  • ॐ दॆवाभिवंदिताय नमः ।
  • ॐ काव्यासक्ताय नमः ।
  • ॐ कामपालाय नमः ।
  • ॐ कवयॆ नमः ।
  • ॐ कल्याणदायकाय नमः ।
  • ॐ भद्रमूर्तयॆ नमः ।
  • ॐ भद्रगुणाय नमः ।
  • ॐ भार्गवाय नमः ।
  • ॐ भक्तपालनाय नमः ।
  • ॐ भॊगदाय नमः ॥ २० ॥
  • ॐ भुवनाध्यक्षाय नमः ।
  • ॐ भुक्तिमुक्तिफलप्रदाय नमः ।
  • ॐ चारुशीलाय नमः ।
  • ॐ चारुरूपाय नमः ।
  • ॐ चारुचंद्रनिभाननाय नमः ।
  • ॐ निधयॆ नमः ।
  • ॐ निखिलशास्त्रज्ञाय नमः ।
  • ॐ नीतिविद्याधुरंधराक्षाय नमः ।
  • ॐ सर्वलक्षणसंपन्नाय नमः ।
  • ॐ सर्वापद्गुणवर्जिताय नमः ॥ ३० ॥
  • ॐ समानाधिकनिर्मुक्ताय नमः ।
  • ॐ सकलागमपारगाय नमः ।
  • ॐ भृगवॆ नमः ।
  • ॐ भॊगकराय नमः ।
  • ॐ भूमिसुरपालनतत्पराय नमः ।
  • ॐ मनस्विनॆ नमः ।
  • ॐ मानदाय नमः ।
  • ॐ मान्याय नमः ।
  • ॐ मायातीताय नमः ।
  • ॐ महायशसॆ नमः ॥ ४० ॥
  • ॐ बलिप्रसन्नाय नमः ।
  • ॐ अभयदाय नमः ।
  • ॐ बलिनॆ नमः ।
  • ॐ बलपराक्रमाय नमः ।
  • ॐ भवपाशपरित्यागाय नमः ।
  • ॐ बलिबंधविमॊचकाय नमः ।
  • ॐ घनाशयाय नमः ।
  • ॐ घनाध्यक्षाय नमः ।
  • ॐ कंबुग्रीवायै नमः ।
  • ॐ कळाधराय नमः । । ५० ॥
  • ॐ कारुण्यरससंपूर्णाय नमः ।
  • ॐ कल्याणगुणवर्धनाय नमः ।
  • ॐ श्वॆतांबराय नमः ।
  • ॐ श्वॆतवपुषॆ नमः ।
  • ॐ चतुर्भुजसमन्विताय नमः ।
  • ॐ अक्षमालाधराय नमः ।
  • ॐ अचिंत्याय नमः ।
  • ॐ अक्षीणगुणभासुराय नमः ।
  • ॐ नक्षत्रगणसंचाराय नमः ।
  • ॐ नयदाय नमः ॥ ६० ॥
  • ॐ नीतिमार्गदाय नमः ।
  • ॐ वर्षप्रदाय नमः ।
  • ॐ हृषीकॆशाय नमः ।
  • ॐ क्लॆशनाशकराय नमः ।
  • ॐ कवयॆ नमः ।
  • ॐ चिंतितार्थप्रदाय नमः ।
  • ॐ शांतमतयॆ नमः ।
  • ॐ चित्तसमाधिकृतॆ नमः ।
  • ॐ आदिव्याधिहराय नमः ।
  • ॐ भूरिविक्रमाय नमः ॥ ७० ॥
  • ॐ पुण्यदायकाय नमः ।
  • ॐ पुराणपुरुषाय नमः ।
  • ॐ पूज्याय नमः ।
  • ॐ पुरुहूतादिसन्नुताय नमः ।
  • ॐ अजॆयाय नमः ।
  • ॐ विजितारातयॆ नमः ।
  • ॐ विविधाभरणॊज्ज्वलाय नमः ।
  • ॐ कुंदपुष्पप्रतीकाशाय नमः ।
  • ॐ मंदहासाय नमः ।
  • ॐ महामतयॆ नमः ॥ ८० ॥
  • ॐ मुक्ताफलसमानाभाय नमः ।
  • ॐ मुक्तिदाय नमः ।
  • ॐ मुनिसन्नुताय नमः ।
  • ॐ रत्नसिंहासनारूढाय नमः ।
  • ॐ रथस्थाय नमः ।
  • ॐ रजतप्रभाय नमः ।
  • ॐ सूर्यप्राग्दॆशसंचाराय नमः ।
  • ॐ सुरशत्रुसुहृदॆ नमः ।
  • ॐ कवयॆ नमः ।
  • ॐ तुलावृषभराशीशाय नमः ॥ ९० ॥
  • ॐ दुर्धराय नमः ।
  • ॐ धर्मपालकाय नमः ।
  • ॐ भाग्यदाय नमः ।
  • ॐ भव्यचारित्राय नमः ।
  • ॐ भवपाशविमॊचकाय नमः ।
  • ॐ गौडदॆशॆश्वराय नमः ।
  • ॐ गॊप्त्रॆ नमः ।
  • ॐ गुणिनॆ नमः ।
  • ॐ गुणविभूषणाय नमः ।
  • ॐ ज्यॆष्ठानक्षत्रसंभूताय नमः ॥ १०० ॥
  • ॐ ज्यॆष्ठाय नमः ।
  • ॐ श्रॆष्ठाय नमः ।
  • ॐ शुचिस्मिताय नमः ।
  • ॐ अपवर्गप्रदाय नमः ।
  • ॐ अनंताय नमः ।
  • ॐ संतानफलदायकाय नमः ।
  • ॐ सर्व्यैश्वर्यप्रदायकाय नमः ।
  • ॐ सर्वगीर्वाणगणसन्नुताय नमः ॥ १०८ ॥
॥ इति शुक्राष्टॊत्तर शतनामावळीः संपूर्णम्‌ ॥

यदि आपके जीवन में भी शुक्र ग्रह के कारण किसी भी तरह की परेशानी आ रही हो तो अभी ज्योतिष आचार्य पंडित ललित त्रिवेदी पर कॉल करके अपनी समस्या का निवारण कीजिये ! +91- 9667189678 ( Paid Services )
Related Post : 
Disqus Comments