Saturday, May 11, 2019

राहु अष्टोत्तर शतनामावली || Rahu Ashtottara Shatanamavali

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राहु अष्टोत्तर शतनामावली || Rahu Ashtottara Shatanamavali

Rahu Ashtottara Shatanamavali में राहु ग्रह के 108 नामों वर्णन किया हैं ! Rahu Ashtottara Shatanamavali का नियमित पाठ करने से आप राहु ग्रह के दुष्प्रभाव से बच सकते हैं ! आपको राहु जब अशुभ प्रभाव दे रहा हो या राहु आपकी कुंडली में नीच या अशुभ भाव में हो या राहु की दशा व् अन्तर्दशा या गोचर में अशुभ परिणाम दे रहा हो जब राहु अष्टोत्तर शतनामावली का पाठ करना बहुत लाभदायक होता हैं !! जय श्री सीताराम !! जय श्री हनुमान !! जय श्री दुर्गा माँ !! यदि आप अपनी कुंडली दिखा कर परामर्श लेना चाहते हो तो या किसी समस्या से निजात पाना चाहते हो तो कॉल करके या नीचे दिए लाइव चैट ( Live Chat ) से चैट करे साथ ही साथ यदि आप जन्मकुंडली, वर्षफल, या लाल किताब कुंडली भी बनवाने हेतु भी सम्पर्क करें : 9667189678 Rahu Ashtottara Shatanamavali By Acharya Pandit Lalit Trivedi

राहु अष्टोत्तर शतनामावली || Rahu Ashtottara Shatanamavali

  • ॐ राहवॆ नमः  ।   
  • ॐ सिंहिकॆयाय नमः  ।
  • ॐ विधंतुदाय नमः  ।  
  • ॐ सुरशत्रवॆ नमः  ।
  • ॐ तमसॆ नमः  । 
  • ॐ फणिनॆ नमः  ।
  • ॐ गार्ग्यानयाय नमः  ।  
  • ॐ सुरागवॆ नमः  ।
  • ॐ नीलजीमूतसंकाशाय नमः ।
  • ॐ चतुर्भुजाय नमः  ॥ १० ॥
  • ॐ खड्गखॆटकधारिणॆ नमः  ।  
  • ॐ वरदायकहस्ताय नमः  ।
  • ॐ शूलायुधाय नमः  ।  
  • ॐ मॆघवर्णाय नमः  ।
  • ॐ कृष्णध्वजपताकवतॆ नमः ।
  • ॐ दक्षिणाभिमुखरथाय नमः ।
  • ॐ तीक्ष्णदंष्ट्रकराय नमः ।
  • ॐ शूर्पाकारसनस्थाय नमः  ।
  • ॐ गॊमॆधाभरणप्रियाय नमः ।
  • ॐ माषप्रियाय नमः ॥ २० ॥
  • ॐ काश्यपर्षिनंदनाय नमः  ।  
  • ॐ भुजगॆश्वराय नमः  ।
  • ॐ उल्कापातयित्रॆ नमः  । 
  • ॐ शूलनिधिपाय नमः  ।
  • ॐ कृष्णसर्पराज्ञॆ नमः ।
  • ॐ वृषत्पालाव्रतास्याय नमः  ।
  • ॐ अर्धशरीराय नमः  । 
  • ॐ जाड्यप्रदाय नमः  ।
  • ॐ रवींदुभीकराय नमः  । 
  • ॐ छायास्वरूपिणॆ नमः  ॥ ३० ॥
  • ॐ कथिनांगकाय नमः  ।  
  • ॐ द्विषट्‌ चक्रछॆदकाय नमः  ।
  • ॐ कराळास्याय नमः   ।  
  • ॐ भयंकराय नमः  ।
  • ॐ क्रूरकर्मिणॆ नमः  ।  
  • ॐ तमॊरूपाय नमः  ।
  • ॐ श्यामात्मनॆ नमः  ।  
  • ॐ नीललॊहिताय नमः  ।
  • ॐ किरीटिनॆ नमः   ।  
  • ॐ नीलवसनाय नमः  ॥ ४० ॥
  • ॐ शनिसामंतवर्त्मगाय नमः ।
  • ॐ चंडालवर्णाय नमः  ।
  • ॐ आत्वर्क्ष्यभवाय नमः  ।  
  • ॐ मॆषभवाय नमः  ।
  • ॐ शनिलत्पलदाय नमः  ।  
  • ॐ शूलाय नमः  ।
  • ॐ अपसव्यगतयॆ नमः  ।  
  • ॐ उपरागकराय नमः  ।
  • ॐ सूर्यॆंदुच्छविव्रातकराय नमः ।
  • ॐ नीलपुष्पविहाराय नमः ॥ ५० ॥
  • ॐ ग्रहश्रॆष्ठाय नमः  । 
  • ॐ अष्टमग्रहाय नमः  ।
  • ॐ कबंधमात्रदॆहाय नमः ।
  • ॐ यातुधानकुलॊद्भवाय नमः ।
  • ॐ गॊविंदवरपात्राय नमः ।
  • ॐ दॆवजातिप्रविष्ठकाय नमः ।
  • ॐ क्रूराय नमः  ।  
  • ॐ घॊराय नमः  ।
  • ॐ शनॆर्मित्राय नमः  ।  
  • ॐ शुक्रमित्राय नमः  ॥ ६० ॥
  • ॐ अगॊचराय नमः  ।   
  • ॐ मौनयॆ नमः  ।
  • ॐ गंगास्नानयात्राय नमः ।
  • ॐ स्वगृहॆभूबलाढ्यकाय नमः ।
  • ॐ स्वगृहॆस्यबलहृतॆ नमः ।
  • ॐ मातामहकारकाय नमः ।
  • ॐ चंद्रायुतचंडालजन्मसूचकाय नमः ।
  • ॐ जन्मसिंहाय नमः ।
  • ॐ राज्यधात्रॆ नमः  ।  
  • ॐ महाकायाय नमः  ॥ ७० ॥
  • ॐ जन्मकर्त्रॆ नमः  ।  
  • ॐ राज्यकर्त्रॆ नमः  ।
  • ॐ मत्तकाज्ञानप्रदायिनॆ नमः ।
  • ॐ जन्मकन्याराज्यदायकाय नमः  ।
  • ॐ जन्महानिदाय नमः  । 
  • ॐ नवमॆपितृरॊगाय नमः  ।
  • ॐ पंचमॆशॊकनायकाय नमः ।
  • ॐ द्यूनॆकळत्रहंत्रॆ नमः ।
  • ॐ सप्तमॆकलहप्रदायकाय नमः ।
  • ॐ षष्ठॆवित्तदात्रॆ नमः ॥ ८० ॥
  • ॐ चतुर्थॆवरदायकाय नमः ।
  • ॐ नवमॆपापदात्रॆ नमः ।
  • ॐ दशमॆशॊकदायकाय नमः ।
  • ॐ आदौयशःप्रदात्रॆ नमः ।
  • ॐ अंत्यवैर्यप्रदायकाय नमः  ।
  • ॐ कलात्मनॆ नमः  ।
  • ॐ गॊचराचराय नमः  । 
  • ॐ धनॆककुत्प्रदायकाय नमः  ।
  • ॐ पंचमॆदृषणाशृंगदायकाय नमः । 
  • ॐ स्वर्भानवॆ नमः  ॥ ९० ॥
  • ॐ बलिनॆ नमः  । 
  • ॐ महासौख्यप्रदायकाय नमः  ।
  • ॐ चंद्रवैरिणॆ नमः  । 
  • ॐ शाश्वताय नमः  ।
  • ॐ सूर्यशतृवॆ नमः  । 
  • ॐ पापग्रहाय नमः  ।
  • ॐ शांभवाय नमः  । 
  • ॐ पूज्यकाय नमः  ।
  • ॐ पाठिनपूर्णदाय नमः ।
  • ॐ पैठीनसकुलॊद्भवाय नमः ॥ १०० ॥
  • ॐ भक्तरक्षाय नमः  ।  
  • ॐ राहुमूर्तयॆ नमः  ।
  • ॐ सर्वाभीष्टफलप्रदाय नमः  । 
  • ॐ दीर्घाय नमः  ।
  • ॐ कृष्णाय नमः  ।  
  • ॐ अशिवणॆ नमः  ।
  • ॐ विष्णुनॆत्रारयॆ नमः  । 
  • ॐ दॆवाय नमः  ।
  • ॐ दानवाय नमः  ॥ १०९ ॥
॥ इति  राहु अष्टॊत्तर शतनामावळि संपूर्णम्‌ ॥


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